बिजली विभाग की टीम ने नगर निगम का काटा बिजली कनेक्शन, जब्त किए जनरेटर के तार

हिसार । शहर की राजगुरु मार्केट में भीड़ भाड़ को कम करने के लिए जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार नगर निगम द्वारा पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में अस्थाई स्टॉल लगाई गई हैं. इन स्टॉलों के लिए यहां बिजली की व्यवस्था की गई थी, लेकिन बिजली विभाग के स्टाफ ने स्टॉल मार्केट में आकर बिजली कनेक्शन काट दिए. नगर निगम के अधिकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को बहुत समझाया लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी नहीं माने. जई अनिल बागड़ी अपनी बात पर अड़े रहे.

जेई अनिल बागड़ी ने मौके पर पहुंचकर नगर निगम के जेई को कॉल किया और उन्हें कहा कि LL1 भर रहा हूं और जनरेटर उखाड़ लिया जाएगा. उसके बाद जेई रामदिया शर्मा ने तर्क करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु हिसार प्रशासन ने ही यहां पर अस्थाई स्टॉल मार्केट लगाने की इजाजत दी है. यहां पर बिजली की सुविधा स्ट्रीट लाइट कनेक्शन से दी जा रही है. नगर निगम के बिजली के मीटर से ही इन स्ट्रीट लाईटों का कनेक्शन है. इसलिए यह कोई बिजली की चोरी नहीं है. आपका यह करना गलत है. कृपा कर प्रशासन का सहयोग करें.

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डॉ प्रियंका सोनी तक बात पहुंचने पर बैकफुट पर आई बिजली विभाग की टीम

इतना समझाने के बाद भी बिजली बोर्ड की टीम बोर्ड, स्विच और जनरेटर के तार काट कर ले गई. साथ ही टीम ने LL1 भी भर दिया. इस मामले के पश्चात बिजली विभाग व नगर निगम के अधिकारियों के बीच खींचतान आरंभ हो गई. मामले की सूचना नगर निगम स्टाफ द्वारा निगम कमिश्नर अशोक कुमार गर्ग को दी गई. निगम कमिश्नर अशोक कुमार ने सबसे पहले बिजली विभाग एक्सईएन को फोन किया लेकिन उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया. बाद में कमिश्नर अशोक कुमार ने DC डॉ० प्रियंका सोनी से बातचीत की. फिर बिजली विभाग के अधिकारी बैकफुट पर आ गए. देर रात काफी लंबे समय तक कर्मचारियों और अधिकारियों के मध्य मामले के समझौते की कोशिश जारी रही.

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एक और मीटर लगाने पहुंचे दूसरे जेई

जब यह मामला डीएचबीवीएन के उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में लगी स्टॉल पर अस्थाई मीटर लगाने के लिए दूसरे जेई पहुंच गए. उससे पहले ही नगर निगम के अधिकारियों ने पूरे मार्केट मे लाइटों के लिए एक और दूसरा जनरेटर मंगा कर उस पर लोड डाल दिया. नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यहां पर पहले से ही स्ट्रीट लाइट के मीटर लगे हुए हैं तो अब अन्य मीटर लगाने का क्या मतलब है. क्योंकि नगर निगम ही इन स्ट्रीट लाइटों की बिजली का बिल भरता है. पहले तो बिजली विभाग के अधिकारियों ने मीटर लगाने के लिए आई टीम को वापस लौटा दिया. इसके कुछ समय पश्चात दूसरे जेई स्टाफ के साथ दोबारा पहुंचे और खुद के खम्बे पर मीटर लगा कर वापस चले गए.

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Sahil Maurya
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